Saturday, 17 August 2019

नाम अभी होने को हैं

रुको शाम अभी होने को हैं।
मेरा जाम अभी होने को हैं।

मिरे मेहबूब के होंठों पे,
मिरा नाम अभी होने को हैं।
रुको हवाओं रात होने दो।
ज़रा सितारों से बात होने दो।
मैं बहुत नाशाद हूँ।
मुझे शाद होने दो।
वक़्त के परिंदों रुको ज़रा।
ऐ मेरे रिन्दों रुको ज़रा।
मयखाना ज़रा हिजाब में हैं,
सरेआम अभी होने को हैं।
मिरे मेहबूब के होंठों पे,
मिरा नाम अभी होने को हैं।

और लाँछन लगा लेना।
मुझे फिर से दग़ा देना।
अभी रुको तो ज़रा सा लोगो।
मेरी सुनो तो ज़रा सा लोगो।
मैं सबकुछ भूल गया हूँ,
मुझे बस याद होने दो।
अभी बहुत संभला हुआ हूँ।
मुझे बरबाद होने दो।
तुम बाद में बातें कर लेना।
मैं फिर से आँखें भर लूँगा।
कुछ रिश्तों की ख़ातिर मैं,
कुछ जी लूँगा फिर मर लूँगा।
मेरा दाम अभी होने को हैं।
नाम-बदनाम अभी होने को हैं।
मिरे मेहबूब के होंठों पे,
मिरा नाम अभी होने को हैं।

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