Thursday, 13 June 2019

जीने का बहाना ढूंढते हैं।

जीने का बहाना ढूंढते हैं।
कोई दर्द पुराना ढूंढते हैं।

आप तो मेरे अंदर हैं ना,
आप क्यों आईना ढूंढते हैं।

एक बरगद ढह गया आज,
परिंद आशियाना ढूंढते हैं।

मुझको भुलाकर अब देखो,
वो मुझ सा दीवाना ढूंढते हैं।

रोना तो मेरे नसीब में हैं,
आप क्यों सिरहाना ढूंढते हैं।

सारथी

No comments: