Saturday, 12 January 2019

आ गए

कितना कमज़ोर फैसला करके आ गए।
जान लेने वाले इल्तिज़ा करके आ गए।

वो तो उसके वज़ूद को मिटाने चले थे,
उसी के आगे वो सजदा करके आ गए।

मुश्किल सफ़र की हमसे क्यों पूछते हो,
हम तो मंजिल से झगड़ा करके आ गए।

बेरहमी का आलम ये हैं कि अपने बच्चे,
बाप को ज़िंदा दफना करके आ गए।

इक रोज़ माँ ने पूछा किसका फोन हैं,
ये बच्चे माँ को झिड़का करके आ गए।

अपनी बहन की बड़ी फ़िक्र करते हो ना,
तुम कितनी बहनों को नंगा करके आ गए।

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