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चिडियाँ घोंसले में लौट आ भी सकती हैं। या फिर दूसरा घोंसला बना भी सकती हैं।
तुझसे लड़ने का हौसला कहाँ से लाऊँ, तू तो मुझको छोड़कर जा भी सकती हैं।
चराग़ों से दोस्ती करना भी तो संभाल के, रोशनी देने वाली लौ घर जला भी सकती हैं।
सारथी
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