Poetry, story, blogs
मैंने देखा याद का चेहरा। तेरे जितना भोला चेहरा।
मुझसे मिलते ही रुठ गया, बिल्कुल जैसे तेरा चेहरा।
चाहता था कि मनाऊं उसे, इसीलिए तो रूठा चेहरा।
हँसता भी हैं रोता भी हैं, तेरा चेहरा - मेरा चेहरा।
मुझको कोई भाता नहीं, जब से देखा तेरा चेहरा।
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