किसी के आने की उम्मीद और फिर लौट जाने का डर!
वो एक दाग जिसकी बदौलत चाँद खूबसूरत भी लगता हैं और नापाक भी कहलाता हैं।
जब जब चाँद की खूबसूरती का ज़िक्र होता हैं साथ ही साथ उस दाग का ज़िक्र भी होता हैं।
तब चाँद क्या करें!
खूबसूरती पर इतराएं या दाग पर अफ़सोस करें
मैं उसके आने की खुशी मनाऊं या लौट के जाने का ग़म!
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