लाख बंदिश करो मेरे जज़्बात पर।
मैं अड़ा ही रहूंगा मेरी बात पर।
जितना बरसोगे उतने ही ढह जाओगे,
हैं तज़र्बा मुझे मेरे प्रतिघात पर।
इस दफ़ा तुमने पीछे से मारा मुझे,
तरस आ गया तेरी औक़ात पर।
मुझको छोड़ोगे तो तुम भी पछताओगे,
हैं यक़ीं मुझको तेरे भी हालात पर।
धर दिया आपने बेवफ़ा नाम जो,
भर गया दिल बड़ा आपकी बात पर।
सारथी
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