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कोई मुझसा तेरे दिल मे अब रवां तो होगा। मेरे बाद तेरे दिल में कोई दूसरा तो होगा।
बेदर्द सी मोहब्बत मेरे साथ चल रही हैं, मेरे हमनवां से पूछो मेरा इक निशां तो होगा।
इक खाका मेरा अब तो मुझको ही ढक रहा हैं, किसी दूसरे जहाँ में मेरा चेहरा तो होगा।
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