Saturday, 23 March 2019

Der hone se rishta khatm nahin hota

हेलो ?
- कैसे हो ?
- उम्म, ठीक ही हूँ, तुम कैसी हो ?
- मैं भी ठीक ही हूँ।
- कहो आज अचानक कैसे याद किया ?
- ठीक नहीं हुआ ना जो कुछ !
- क्या ठीक नहीं हुआ ?
- इस तरह से हमारा अलग हो जाना!
- अरे जो हो चुका हैं उसकी बातें क्यों करती हो, और कौन अलग हुआ हैं, मैं तो नहीं हुआ।
- मैं बस कुछ गलफ़हमियाँ दूर करना चाहती हूँ!
- मैं किसी ग़लतफ़हमी में हूँ ही नही तो क्या दूर करोगी तुम ?
- #actually मुझे हो गई थी तो!
- तो तुम दूर करो अपनी, मैं क्या करूँ ?
- ज़िन्दगी का कोई भरोसा नहीं हैं, क्या पता फिर कभी ये सब #clear करने का मौका मिले ना मिले इसीलिए सोची की आज!
- 2 साल बाद तुमको ये लग रहा हैं !
खैर कोई नही अब सब ठीक हैं, और मुझे कोई ग़लतफ़हमी नही हैं और ना ही कभी हुई।
- तुम अब भी बिल्कुल वैसे ही हो ना ?
- नहीं बदल गया हूँ बहुत कुछ।
- इस तरह रिश्ता खत्म होना ठीक नहीं था।
- मुझे तो लगा था कि दूरियां बढ़ी हैं,
दूरियां बढ़ने और रिश्ता ख़त्म होने में फ़र्क़ होता हैं।
- लेकिन बहुत देर हो चुकी हैं अब, मैं फ़ोन रखती हूँ।
- तुम वाक़ई वो नहीं हो जिसे मैं जानता हूँ।
एक बात और कि-
देर होने से रिश्ता ख़तम नहीं होता,
फ़क़त इंतेज़ार ज़रा बढ़ जाता हैं।

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