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पैराहन खून में लिथड़ा हैं तो आँख से शोले क्यों आएंगे। तलवारें जब नंगी लहराती तो बात में शोले क्यों आएंगे।
कौन तमाशा अपना बनवाएं कौन हैं अपनी बेटी बिठाएं, वो जो हैं खुद आग में कूदा उसको बचाने क्यों आएंगे।
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