तेरे झूठ भी भोले साहब।
हमको कितना तोले साहब।
विकास बाबू तो आएं नहीं,
महंगे बड़े निवाले साहब।
आप तो सारा जग घूम गए,
बिल्कुल फेरीवाले साहब।
जीजा जी तो मौज करेंगे,
बहुत अमीर हैं साले साहब।
अब कैसे चौकीदार बनाएं,
अपने घर में हैं ताले साहब।
चोर की माँ को शॉल दे आए,
तुम कैसे रखवाले साहब।
आपको रोज़ ही चोर बोलते,
रणदीप सुरजेवाले साहब।
और वक़ालत खूब हैं करते,
संबित पात्रे वाले साहब।
सारथी
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