Saturday, 13 April 2019

Raam

तुम प्रेम के प्रतीक निरन्तर,
तुम मर्यादा पुरुषोत्तम,
माँ पिता के आज्ञाकारी,
तुम मानव सर्वोत्तम।

ऊंच नीच के प्रथम विरोधा,
तुम सबरी के वर्णन।
वन में सालों साल बिताएं,
क्यों महल करूँ मैं अर्पण।

तुम हो अजर अमर ओ राजा,
तुम तो नहीं किसी भी मठ में।
जो मान लिया हृदय के अंदर,
तुम हो सब घट घट में।

श्री राम नवमी पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं।।

सारथी

No comments: