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मैंने उसका रस्ता खुला छोड़ दिया। आँख खुली तो सपना आधा छोड़ दिया।
अब वो लौट के आएं भी तो कैसे, मैंने उसको आवाज़ लगाना छोड़ दिया।
मैं भी बिल्कुल ज़माने सा हो गया हूँ, नए चेहरा देखा और पुराना छोड़ दिया।
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